महबूबा मुफ़्ती का 'हमास' प्रेम
“महबूबा मुफ़्ती” ने ‘अमेरिका’ के ‘लास एन्जलेस’ में, जंगल की आग से हो रहे बड़े पैमाने पर संपत्ति के नुकसान के बहाने, गाजा का मुद्दा उठाया है. “महबूबा मुफ़्ती” के मुताबिक़ ‘गाजा’ में, ‘इजराइल’ की ओर से की जा रही सैन्य कार्यवाही से हो रहे जान माल के नुकसान के पीछे ‘इजराइल’ दोषी है.
खैर “महबूबा मुफ़्ती” जैसे लोगों से इसी प्रकार के बयानों की अपेक्षा है. वे भारत के अधिकतर लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में कभी कोई चूक नहीं करती हैं. उनके ईमानदारी की दाद देनी पड़ेगी, कि वे कभी भी लोगों के बीच भ्रम उत्पन्न करने की कोई गलती नहीं करतीं; जिससे कि लोग किसी क्षण यह महसूस करने लग जायें कि “महबूबा मुफ़्ती” में कोई आत्म परिवर्तन होने लगा है.
“महबूबा” ने कभी भी ‘हमास’ को यह सुझाव देने की जहमत नहीं उठाई, कि वह ‘इजराइल’ के ‘बंधक नागरिकों’ को अपने चंगुल से छोड़ दे; जिससे इजराइल द्वारा की जाने वाली सैन्य कार्यवाही को रोकने का कोई विकल्प अथवा अवसर मिल सके. उन्होंने कभी भी ‘हमास’ के उस घिनौने कृत्य का विरोध नहीं किया, जिसमें ‘हमास’ के लड़ाकों द्वारा ‘इजराइल’ के लगभग 1700 से अधिक साधारण नागरिकों की एक साथ क्रूरता से हत्या की गई. जब ‘इजराइल’ अपने सामान्य नागरिकों की हत्या का बदला ले रहा है, जिसका उसे पूरा हक़ है, तो महबूबा को बड़ी परेशानी हो रही है.
खैर “महबूबा मुफ़्ती” जैसे लोगों से इसी प्रकार के बयानों की अपेक्षा है. वे भारत के अधिकतर लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में कभी कोई चूक नहीं करती हैं. उनके ईमानदारी की दाद देनी पड़ेगी, कि वे कभी भी लोगों के बीच भ्रम उत्पन्न करने की कोई गलती नहीं करतीं; जिससे कि लोग किसी क्षण यह महसूस करने लग जायें कि “महबूबा मुफ़्ती” में कोई आत्म परिवर्तन होने लगा है.
“महबूबा” ने कभी भी ‘हमास’ को यह सुझाव देने की जहमत नहीं उठाई, कि वह ‘इजराइल’ के ‘बंधक नागरिकों’ को अपने चंगुल से छोड़ दे; जिससे इजराइल द्वारा की जाने वाली सैन्य कार्यवाही को रोकने का कोई विकल्प अथवा अवसर मिल सके. उन्होंने कभी भी ‘हमास’ के उस घिनौने कृत्य का विरोध नहीं किया, जिसमें ‘हमास’ के लड़ाकों द्वारा ‘इजराइल’ के लगभग 1700 से अधिक साधारण नागरिकों की एक साथ क्रूरता से हत्या की गई. जब ‘इजराइल’ अपने सामान्य नागरिकों की हत्या का बदला ले रहा है, जिसका उसे पूरा हक़ है, तो महबूबा को बड़ी परेशानी हो रही है.
खैर “महबूबा” जैसे लोगों का ऐसा दर्द भविष्य में और बढ़ने ही वाला है, क्योंकि अमेरिका की सत्ता अब पुनः ‘डोनाल्ड ट्रंप’ के हाथों में आ गई है; जिसका सामान्य सन्देश यही है, कि अब न केवल ‘हमास’ जैसे संगठनों के लिए मुसीबत का दौर बढ़ने वाला है, बल्कि ईरान, पाकिस्तान, क़तर और सीरिया जैसे कुख्यात देशों की भी शामत आनी तय है.
Reference : https://www.jagran.com/jammu-and-kashmir/srinagar-pdp-chief-mehbooba-mufti-said-tragedy-caused-by-la-wildfires-should-prompt-reflection-on-gaza-destruction-los-angeles-fire-israel-gaza-war-23864506.html
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